नेपाल में हिंसा के बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने राजधानी काठमांडू में सर्वदलीय बैठक की...जिसमें गणतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होने का फैसला लिया गया है...इस बैठक में राजशाही समर्थक राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी को नहीं बुलाया गया था...नेपाल में राजशाही की बहाली और हिंदू राष्ट्र की मांग पर हिंसा हुई थी...हिंसा भड़काने के आरोप पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह पर हैं...नेपाल हिंसा में अपने 2 नेताओं पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने के खिलाफ राजशाही समर्थक राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी सड़कों पर उतरी...इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और सरकार का विरोध किया...उधर हिंसा में शामिल सैकड़ों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जिन्हें 6 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है...